देश की सभी पंचायतें अब खोलेगी डेयरी।

आने वाले 5 सालों में हर गांव डेयरी योजना

पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक लोकप्रिय व्यवसाय के रूप में उभर कर सामने आया है। किसानों की आय में इजाफा करने में इस क्षेत्र का योगदान बेहद अहम साबित हो रहा है। यही वजह है कि सरकार किसानों को डेयरी व्यवसाय की तरफ रूख करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। किसानों को डेयरी खोलने के लिए सरकार आर्थिक सहायता भी देती है। अब केंद्र सरकार देश की हर पंचायत में डेयरी खोलने की योजना बना रही है। भारत दुनिया में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सबसे अव्वल नंबर पर आता है, इसलिए पशुपालन को बढ़ावा देने के लिये केन्द्र सरकार ने एक नया कदम उठाया है। सरकार ने देश की सभी पंचायतो में अब डेयरी खोलने का फैसला लिया है ताकि पशुपालन को बढ़ावा मिल सके और पशुपालन देश के किसानों के लिए आमदनी का एक बहुत बड़ा जरिया बन सके, इसलिए सरकार आने वाले पांच सालों में हर एक गांव में डेयरी खोलने की योजना बना रही है।

गरीबी हटाने का जरिया बन सकता है पशुपालनः-

भारत में 70 फीसदी से ज्यादा दूध असंगठित तरीके से मार्केट में जाता है। इसलिए सहकार्य के जरिए इस क्षेत्र को और ज्यादा मजबूत करना होगा ताकि देश में विदेशी कंपनियां न आ सकें। यही नहीं पशुपालन एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए किसानों को गरीबी के गर्त से बाहर निकाला जा सकता है।

पशुपालन है किसानों की रीड़

किसानों के लिए खेती के अलावा पशुपालन आय का एक बहुत बड़ा जरिया है या यूं कहें कि ये किसानों के लिए रीड़ की हड्डी की तरह काम करता है। इसलिए इसे बढ़ावा देना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

पशुपालन पर किसानों को मिलती है सब्सिडी

किसानों के हित में काम करने वाली भारत सरकार की संस्था नाबार्ड डेयरी फार्म खोलने के इच्छुक किसानों को 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी देता है। वहीं एस.टी/एस.सी समुदाय के लोगों को 33.3 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। नाबार्ड की इस योजना में किसान, व्यक्तिगत उद्यमी, गैर सरकारी संगठन, कंपनियां आवेदन कर सकती हैं। आपको बता दें कि इस योजना का लाभ एक परिवार से एक ही व्यक्ति को मिलता है। इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए स्टार्टअप इंडिया और नाबार्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।